"स्वच्छ जल" पर स्त्रियों के लिए जन जागरूकता कार्यक्रम
स्त्रियों को जागरूक करने के लिए "स्वच्छ जल" पर
एक दिन का जन जागरूकता कार्यक्रम किया गया ताकि जल संबंधी
मुद्दों पर आगे भी जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाये
जैसा कि दिनांक 12 दिसम्बर, 2003 को आयोजित किया गया। अखिल
भारतीय महिला सम्मेलन से स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम
में भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्दधाटन केमृसाअशा के निदेशक
नक किया तथा दूरदर्शन ने इसको कवर किया। प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण
किट उपलब्ध कराई गई थी जिसमें निम्नलिखित सामग्री भी थी:-
इसके अतिरिक्त, कुछ महत्वपूर्ण पैरामीटरों जैसे रंग,गन्ध,
पी एच, कुल कठोरता, क्लोराइड,प्लोराइड तथा लोहे(आयरन) को र्निधारित
करने के लिए केमृसाअशा पर किये गये जल परीक्षण किट का इसकी
सहायता के लिए स्वयंसेवकों में वितरित किया गया। सवयं सेवक
भारतीय मानक ब्यूरों में र्निधारित द्रव्यमान पेयजल सीमा के
दौरान इस परीक्षण किट का प्रयोग करते है।
यह कार्यक्रम तीन केन्द्रों मे वितरित हुआ
था। पुर्वाहन में प्रशिक्षुओं को विश्व तथा भारत मे जल की
उपलब्धता संबंधी तथ्य तथा आंकडे, उसके उपयोग तथा संरक्षण के
उपाय संबंधी जानकारी दी गई थी। इस संबंध में श्रीमती आर. चित्रा,
वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी ने ‘स्वच्छ जल-विश्वब्यापी तथा भारतीय
परिदृश्य विषय पर ब्याख्यान दिया। श्री एस.पी. माथूर, सहायक
अनुसंधान अधिकारी ने ‘जल संरक्षण-सभी के लिए जल का महत्व’
विषय पर ब्याख्यान दिया।